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सैनिक स्कूल vs मिलिट्री स्कूल: जानिए कौन सा है आपके बच्चे के लिए बेहतर — एडमिशन, फीस और करियर की पूरी सच्चाई


नई दिल्ली, 27 मार्च 2026 | Sukhoi Academy Education Desk


भारत में लाखों परिवारों का सपना होता है कि उनका बेटा या बेटी एक दिन देश की सेवा में वर्दी पहने। इस सपने को साकार करने का सबसे मजबूत रास्ता शुरू होता है — सैनिक स्कूल और मिलिट्री स्कूल से। ये दोनों संस्थान भारतीय रक्षा सेवाओं के लिए अधिकारी तैयार करने की नींव माने जाते हैं। लेकिन अक्सर अभिभावक इस असमंजस में पड़ जाते हैं कि दोनों में से अपने बच्चे के लिए कौन सा विकल्प चुनें।

आज हम इसी सवाल का जवाब देंगे — विस्तार से, तथ्यों के साथ।


सैनिक स्कूल क्या है? — देश की रक्षा की पहली पाठशाला

सैनिक स्कूल की स्थापना 1961 में तत्कालीन रक्षा मंत्री वी. के. कृष्ण मेनन की पहल पर हुई थी। इनका मुख्य उद्देश्य था — राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और अन्य रक्षा संस्थानों के लिए शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार अधिकारी उम्मीदवार तैयार करना।

वर्तमान में देश में 100 से अधिक सैनिक स्कूल हैं जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध हैं। इनमें कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश मिलता है।

सैनिक स्कूल में एडमिशन कैसे होता है?

सैनिक स्कूलों में प्रवेश AISSEE (All India Sainik School Entrance Exam) के माध्यम से होता है, जिसे NTA (National Testing Agency) आयोजित करती है।

  • कक्षा 6 के लिए: 10 से 12 वर्ष की आयु
  • कक्षा 9 के लिए: 13 से 15 वर्ष की आयु
  • परीक्षा विषय (कक्षा 6): गणित, भाषा, बुद्धिमत्ता परीक्षण
  • परीक्षा विषय (कक्षा 9): गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, बुद्धिमत्ता परीक्षण

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) क्या है? — अनुशासन की सबसे पुरानी परंपरा

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (Rashtriya Military School – RMS) की स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी। ये स्कूल रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में आते हैं और इनका संचालन भारतीय सेना करती है।

देशभर में कुल 5 RMS हैं:

स्कूलस्थान
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलअजमेर (राजस्थान)
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलबेलगाम (कर्नाटक)
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलबंगलोर (कर्नाटक)
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलधौलपुर (राजस्थान)
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलचैल (हिमाचल प्रदेश)

RMS में एडमिशन कैसे होता है?

RMS में प्रवेश RMS CET (Common Entrance Test) के जरिए होता है।

  • कक्षा 6 के लिए: 10 से 12 वर्ष की आयु
  • कक्षा 9 के लिए: 13 से 15 वर्ष की आयु
  • प्राथमिकता: सेना के बच्चों को आरक्षण मिलता है, लेकिन सामान्य नागरिक भी आवेदन कर सकते हैं

RIMC — रक्षा की तीसरी और सबसे प्रतिष्ठित राह

राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय (RIMC – Rashtriya Indian Military College) देहरादून में स्थित है और इसे देश का सबसे प्रतिष्ठित सैन्य स्कूल माना जाता है।

RIMC से पढ़े छात्र सीधे NDA के लिए आवेदन करते हैं और यहां के अधिकांश छात्र उच्च पदों तक पहुंचते हैं। यहां प्रवेश साल में दो बार — जून और दिसंबर में होता है।


सैनिक स्कूल vs मिलिट्री स्कूल — मुख्य अंतर क्या है?

विशेषतासैनिक स्कूलराष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS)
स्थापना1961ब्रिटिश काल (पुराना)
संख्या100+ पूरे भारत मेंकेवल 5
नियंत्रणराज्य सरकार + रक्षा मंत्रालयसीधे भारतीय सेना
प्रवेश परीक्षाAISSEE (NTA)RMS CET
आरक्षणराज्यवार कोटासैन्य परिवारों को प्राथमिकता
फीस (अनुमानित)₹70,000–₹1,20,000 प्रतिवर्ष₹60,000–₹90,000 प्रतिवर्ष
प्रतिस्पर्धाअधिक सीटें, कम प्रतिस्पर्धाबहुत कम सीटें, अत्यधिक प्रतिस्पर्धा
NDA सफलता दरअच्छीबहुत उच्च

दोनों से NDA तक का रास्ता कैसा होता है?

सैनिक स्कूल और मिलिट्री स्कूल दोनों का अंतिम लक्ष्य एक ही है — NDA (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी), पुणेNDA में प्रवेश के लिए UPSC परीक्षा आयोजित करता है जिसमें 12वीं पास छात्र बैठ सकते हैं।

इन स्कूलों में पढ़े छात्रों का NDA सफलता दर सामान्य छात्रों की तुलना में कहीं अधिक होता है क्योंकि:

  • 6 साल की सैन्य अनुशासन की ट्रेनिंग मिलती है
  • फिजिकल फिटनेस बचपन से ही विकसित होती है
  • SSB इंटरव्यू के लिए व्यक्तित्व स्वाभाविक रूप से तैयार होता है
  • गणित और विज्ञान पर विशेष जोर दिया जाता है

अभिभावक किसे चुनें — सैनिक स्कूल या मिलिट्री स्कूल?

सैनिक स्कूल चुनें अगर:

  • आपका बच्चा किसी भी राज्य से है और आप स्थानीय स्कूल चाहते हैं
  • पहली बार इस क्षेत्र में प्रयास कर रहे हैं
  • बच्चे की उम्र 10-12 साल है और जल्दी दाखिला चाहते हैं
  • बजट सीमित है

RMS चुनें अगर:

  • परिवार सैन्य पृष्ठभूमि से है
  • बच्चा अत्यंत मेधावी और अनुशासित है
  • देश के सर्वश्रेष्ठ सैन्य वातावरण में पढ़ाई करानी है
  • लंबे समय तक होस्टल में रहने की मानसिकता है

Sukhoi Academy — सैनिक स्कूल और RMS की तैयारी में अग्रणी

फरीदाबाद स्थित Sukhoi Academy पिछले कई वर्षों से सैनिक स्कूल, RMS, RIMC और NDA की तैयारी में पूरे भारत में अग्रणी है। अकादमी के निदेशक के अनुसार —

“सैनिक स्कूल और मिलिट्री स्कूल दोनों ही उत्कृष्ट संस्थान हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चे की रुचि, योग्यता और पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार सही विकल्प चुनें। जो बच्चा कक्षा 5-6 से ही सही मार्गदर्शन पाता है, वह 12वीं के बाद NDA में आसानी से जगह बना सकता है।”

Sukhoi Academy से अब तक 800 से अधिक छात्र सैनिक स्कूल, RMS और RIMC में चयनित हो चुके हैं।


निष्कर्ष — सही फैसला आज ही करें

सैनिक स्कूल और मिलिट्री स्कूल — दोनों ही भारतीय रक्षा सेवाओं की रीढ़ हैं। ये संस्थान सिर्फ परीक्षाएं पास करवाने वाले स्कूल नहीं हैं — ये चरित्र निर्माण की फैक्ट्रियां हैं जहाँ से देश के भावी अधिकारी और सेनानायक निकलते हैं।

यदि आपका बच्चा कक्षा 4 से 8 के बीच में है और उसके मन में देश सेवा का जज्बा है, तो आज ही तैयारी शुरू करना सबसे समझदारी का फैसला है।


अधिक जानकारी के लिए: 📞 +91-8792739294 🌐 www.sukhoiacademy.com 📍 फरीदाबाद | लखनऊ | बेंगलुरु | पटना | सोनीपत | चरखी दादरी


यह लेख शैक्षणिक जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है।

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